भारत के लिए हरियाली और रास्ता - अनूठा प्रयास

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(साभार : फेसबुक लिंक )

107 वर्ष की एक वृद्ध महिला जो चालीस वर्ष की उम्र में संतान न होने के कारण आत्म हत्या करने वाली थी परन्तु विचार त्याग कर जीवन जीने का एक लक्ष्य बनाया और कर्नाटक में चार किमी के एरिये में 385 बरगद के पेड़ लगाये और उसके अलावा भी अन्य 8000 पेड़ लगाए , उनको ही अपना बालक मानकर जीवन भर उन पेड़ो की सेवा कर उनको छाँव देने योग्य बनाया।
अपने स्वर्गवासी पति के साथ जीवन भर उन पोधो को पेड़ बनने तक रोज पानी पिलाकर अपना सारा जीवन पर्यावरण के नाम कर दिया।
क्या आपने इससे पहले आज तक किसी को नंगे पैर पदम् श्री अवार्ड लेते हुए देखा हे।
वास्तव में ऐसे लोगो को अवार्ड मिलते हे तो मन को प्रसन्नता होती है।

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*किया है 👆🏻मतदान।*
*अब करेंगे 🌳वृक्षदान।*

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*एक एक 🌱पौधा सबको लगाना है,*
*भारत को फिर से हरा🌳🌳🌳🌳 भरा बनाना है।*

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स्वच्छ भारत का इरादा कर लिया हमने,
अब घटते जलस्तर से मुक्ति पाना है।

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बेहतर करेंगे देश का जलस्तर,
नदी -नालों,कुँए-बावड़ियों का उद्धार कराना है।

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