इंडिया को फिर 🇮🇳भारत बनाना है....

भारत🇮🇳 को फिर भारत बनाना है..
इंडिया शब्द को हटाना है।

इंडिया नाम है अंग्रेजों का,
भारतवर्ष देश है शूरवीरों का।

आधुनिक एवं प्राचीन ज्ञान के समन्वय की निर्मल गंगा बहाना है..
इंडिया को फिर आत्मनिर्भर 🇮🇳 भारत बनाना है।

उन्नत तरीके से खेतीबाड़ी बढ़ाना है..
इंडिया को फिर भारत बनाना है।

हथकरघा के माध्यम से अहिंसक वस्त्र बनाना है..
इंडिया को फिर भारत बनाना है।

जीवदया से पशुधन और मूक प्राणियों को बचाना है..
इंडिया को फिर भारत बनाना है।

अहिंसा का मतलब फिर सबको समझाना है..
इंडिया को फिर भारत बनाना है।

अहिंसक जीवनशैली को अपनाना है..
इंडिया को फिर भारत बनाना है।

सुशिक्षा और मातृभाषा को उन्नति का साधन बनाना है..
इंडिया को फिर भारत बनाना है।

अहिंसक तरीकों से भरपूर रोजगार बढ़ाना है..
इंडिया को फिर भारत बनाना है।

भारत को फिर से विश्वगुरु बनाना है...
इंडिया को फिर भारत बनाना है।

इंडिया को फिर भारत बनाना है....

इंडिया को फिर 🇮🇳भारत बनाना है....

इंडिया को आत्मनिर्भर 🇮🇳 भारत बनाना है....

यह कविता परम् पूज्य गुरुदेव राष्ट्रसन्त एवं विश्वशांति प्रवर्त्तक आचार्य श्री विद्यासागर जी की प्रेरणा एवं आशीर्वाद प्राप्त भारत बने भारत अभियान को समर्पित है।

✍️स्वप्निल जैन

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